Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ मेरे बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œà¤¼ है?
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ सामानà¥à¤¯ है। हालांकि, 6 महीने से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ होना कम सामानà¥à¤¯ है, खासकर वे जो सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध पीते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी होता है और यह पचाने और अवशोषित करने में आसान होता है। जब बचà¥à¤šà¥‡ फारà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, या जब वे लगà¤à¤— 6 महीने की उमà¥à¤° में ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ लेना शà¥à¤°à¥‚ करते हैं, तो कम नियमित शौच के साथ, उनके मल कठोर हो सकते हैं। आपको चिंता हो सकती है कि आपके शिशॠको कबà¥à¤œà¤¼ तो नहीं है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सामानà¥à¤¯ शौच की आदत अलग-अलग होती है। यह नवजात शिशà¥à¤“ं में दिन में कई बार से लेकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हर 2 से 3 दिन में à¤à¤• बार तक होती है। तो, शौच की आवृतà¥à¤¤à¤¿ यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤•मातà¥à¤° लकà¥à¤·à¤£ नहीं है कि बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ है या नहीं। जब तक मल नरम होता है, तब तक इसे सामानà¥à¤¯ माना जाता है।
कबà¥à¤œ कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
जब बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤› कारणों से मल पास नहीं करता है, तो मल उसकी आंत में जमा हो जाà¤à¤—ा। समय के साथ, मल कठोर हो जाता है और सूख जाता है, जिससे कबà¥à¤œ हो जाता है। कबà¥à¤œ वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं:
अनियमित या असामानà¥à¤¯ रूप से देरी से सौच
मल के सूखे और कठोर बड़े टà¥à¤•ड़े या छोटे छरà¥à¤°à¥‹à¤‚ जैसे टà¥à¤•ड़े
मल पास करने में दबाव या दरà¥à¤¦, पास होने वाले मल को रोकना
दà¥à¤°à¥à¤—ंध वाली हवा और मल, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हवा पास करना
शौच के बीच में बहता हà¥à¤† मल
आकसà¥à¤®à¤¿à¤• पेट दरà¥à¤¦ या फूला हà¥à¤† (ठोस) पेट
कठोर मल के पारित होने के कारण फटा हà¥à¤† गà¥à¤¦à¤¾ ऊतक
खून वाला मल
अपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥‚ख
ऊरà¥à¤œà¤¾ की कमी, चिड़चिड़ापन
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण:
कबà¥à¤œ अधिकतर संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ शिशॠअवसà¥à¤¥à¤¾/बचपन की निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤¶à¥€à¤² अवधियों में होता है:
ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ करना
खाने की आदत में बदलाव करना
असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार, आहारीय फाइबर या तरल पदारà¥à¤¥ के सेवन में कमी
शौच पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£
शौचासन के डर से शौच को रोकना
खराब रूप से सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ शौच की आदत
शौचालय में बैठने का गलत आसन
पà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤•ूल शà¥à¤°à¥‚ करना
अपरिचित शौचालय वातावरण
दैनिक दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव
अनà¥à¤¯ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण:
बà¥à¤–ार, निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण, गतिहीनता
गà¥à¤¦à¤¾ के पास छिलना
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® की कमी
गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
कà¥à¤› दवाओं का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
अनà¥à¤¯ बीमारियों से संबंधित
बचपन के कबà¥à¤œ का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन:
यà¥à¤µà¤¾ शिशà¥à¤“ं के लिà¤:
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में परिवरà¥à¤¤à¤¨à¤¶à¥€à¤² कबà¥à¤œ दिखाई देना सामानà¥à¤¯ है यदि दूध के सेवन की संरचना में बदलाव होता है, जैसे कि सà¥à¤¤à¤¨ के दूध से फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में बदलना या à¤à¤• फॉरà¥à¤®à¥‚ला से दूसरे में बदलना। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि अलग-अलग फॉरà¥à¤®à¥‚लों को à¤à¤• साथ नहीं मिलाया जाना चाहिà¤à¥¤ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषक ततà¥à¤µ और पानी का सेवन सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने हेतॠफॉरà¥à¤®à¥‚ला तैयार करने के लिठहमेशा निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ का पालन करें। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो, तो आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बीच में अपने बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ा पानी दे सकते हैं।
जब आपका शिशॠलगà¤à¤— 6 महीने का हो जाता है और ठोस आहार लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है, तो कबà¥à¤œà¤¼ से बचाने और कम करने हेतॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी दें और आहारीय फाइबर में उचà¥à¤š खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का चयन करें, जैसे कि फल की पà¥à¤¯à¥‚री (उदाहरण के लिठसेब या नाशपाती) और कटी हà¥à¤ˆ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤ (उदाहरण के लिठबà¥à¤°à¥‰à¤•ली, पालक)।
| --------------------------- | --------------------------- |